बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अंतर्गत वीरांगना दिवस का आयोजन

जांजगीर के बुडेना में आईसीडीएस द्वारा वीरांगना दिवस पर निबंध, फैंसी ड्रेस, रंगोली, बालिका सुरक्षा जागरूकता और कन्या जन्मोत्सव सहित कई कार्यक्रम आयोजित।

Nov 22, 2025 - 19:50
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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अंतर्गत वीरांगना दिवस का आयोजन
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अंतर्गत वीरांगना दिवस का आयोजन

जांजगीर–नवागढ़ : एकीकृत बाल विकास परियोजना द्वारा ग्राम बुडेना में वीरांगना दिवस समारोह संपन्न
बालिका सुरक्षा, शिक्षा, जागरूकता और लैंगिक समानता पर केंद्रित विविध कार्यक्रम आयोजित

जांजगीर, 20 नवम्बर 2025।
एकीकृत बाल विकास परियोजना जांजगीर–नवागढ़ के परिक्षेत्र अवरीद के ग्राम बुडेना स्थित शासकीय उच्च विद्यालय बुडेना में वीरांगना दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों—श्रीमती प्रियंका सिंह (जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति), श्रीमती कांता कश्यप (जनपद पंचायत अध्यक्ष), श्रीमती आरती तिवारी (जनपद सदस्य), श्री मोहन कश्यप (जनप्रतिनिधि) तथा श्री पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह (पूर्व अध्यक्ष, जनपद पंचायत नवागढ़)—द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से परियोजना अधिकारी श्रीमती अणिमा मिश्रा तथा उपस्थित पर्यवेक्षकों ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया।

प्रेरक वीरांगनाओं से जुड़ी प्रतियोगिताएँ

कार्यक्रम के अंतर्गत रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले, बहादुर कलारनी, मीनी माता, रानी अवंतीबाई लोधी, रानी दुर्गावती सहित कई वीरांगनाओं के जीवन और योगदान से प्रेरणा लेते हुए “समाज में सकारात्मक बदलाव” विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यालय की छात्राएँ अवंतिका, अनुसुईया तथा सारिका ने निबंध प्रस्तुत किया और उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।

इसी क्रम में अवंतिका, आरूषि, सारिका और कशिश ने फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में सहभागिता करते हुए ऐतिहासिक वीरांगनाओं के रूप में मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसके लिए उन्हें सम्मानित किया गया।

बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत गतिविधियाँ

अभियान के तहत आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में साधना, सरिता और हिमांशी क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहीं।
साथ ही, उपस्थित छात्र-छात्राओं तथा समुदाय को “बाल विवाह मुक्त जांजगीर” बनाने का संकल्प दिलाया गया।

बालिका सुरक्षा और अधिकारों पर विशेष जागरूकता

सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक सुश्री निशा खान ने बालिकाओं को लैंगिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और उनसे बचाव की जानकारी प्रदान की।
चाइल्ड हेल्प सेंटर (1098) की काउंसलर सुश्री अल्का ठाकुर ने बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हुए बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या हिंसा की स्थिति में 1098 पर तुरंत संपर्क करना चाहिए।

परियोजना अधिकारी ने बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ थीम के तहत मेरे सपनों का भविष्य, अभिव्यक्ति, क्रोध नियंत्रण और तनाव मुक्ति विषयों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि “बेटियाँ राष्ट्र की अमूल्य पूंजी हैं और समाज के विकास का आधार भी।”

कन्या जन्मोत्सव के माध्यम से सकारात्मक संदेश

कार्यक्रम में अदिति (आयु 01 माह), पिता कमल—का कन्या जन्मोत्सव मनाया गया। इस पहल के माध्यम से उपस्थित समुदाय को संदेश दिया गया कि बेटियाँ बोझ नहीं, बल्कि समाज का गौरव और वरदान हैं। पुत्र-पुत्री में किसी भी प्रकार का भेदभाव न करते हुए दोनों का जन्मोत्सव मनाने की अपील की गई।

उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं का सम्मान

आईसीडीएस जांजगीर के अंतर्गत विभिन्न सेक्टरों के उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित कार्यकर्ता–सहायिका निम्नानुसार हैं—

  • सेक्टर नैला शहरी: कार्यकर्ता नंदिनी सूर्यवंशी, सहायिका शकुंतला सूर्यवंशी

  • सेक्टर जांजगीर शहरी: कार्यकर्ता रश्मि कटकवार, सहायिका शीला यादव

  • सेक्टर जांजगीर ग्रामीण: कार्यकर्ता हेमलता, सहायिका पुष्पा

  • सेक्टर सिवनी: कार्यकर्ता रुक्मणी, सहायिका विजय कुमारी

  • सेक्टर सरखो: कार्यकर्ता उषा फर्वे, सहायिका ज्ञानबाई बिंझवार

  • सेक्टर महंत: कार्यकर्ता सरिता मिश्रा, सहायिका निधि हंसराज

  • सेक्टर अवरीद: कार्यकर्ता लता कश्यप, सहायिका लक्ष्मी राठौर

  • सेक्टर गौद: कार्यकर्ता दशमत, सहायिका कचरा बाई यादव

आयोजन में पर्यवेक्षकों एवं आंगनबाड़ी टीम का महत्वपूर्ण योगदान

ICDS जांजगीर की सीडीपीओ श्रीमती अर्णिमा मिश्रा के मार्गदर्शन में पर्यवेक्षक श्रीमती सहोद्रा साहू, इंदु चंद्रा, शिप्रा साहू, पिंकी ठक्कर, प्रीति सिंह, श्वेता तिवारी, नवधा राठिया तथा ऋचा तिवारी ने कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन किया।

ग्राम बुडेना की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता—पद्मिनी सिंह, शारदा सिंह, रखमनी तरुण, ज्योति नागपाल, अंजलि तिवारी तथा सहायिकाएँ—सुमेर बाई, मंजूला यादव, धनेश्वरी तरुण, जयंती एवं अरूंधती कृष्णा बाई का योगदान सराहनीय रहा।